देहरादून 03 मई, 2011
उप सचिव राज्य निर्वाचन आयोग जे.पी. डंगवाल ने बताया है, कि जिला पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के निर्वाचन में निर्वाचक (मतदाता) की निरक्षरता, अन्धता या अन्य अषक्तता के कारण सहायक/साथी उपलब्ध कराने के संबंध में दिषा निर्देष जारी कर दिये गये हैं। इसके अनुसार सहायक की मांग करने वाला निर्वाचक (मतदाता) साक्षर है या निरक्षर इस बात का सत्यापन उसके द्वारा दाखिल शपथ-पत्र से कर लिया जाय। यदि निर्वाचक अपनी अन्धता या अन्य अषक्तता के कारण सहायक की मांग करें, तो उसे जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा। यदि किसी निर्वाचक को सहायक/साथी दिया जाय, तो उस विषय में यह सुनिष्चित भी किया जाय, कि वह 21 वर्ष से कम आयु का न हो, वह इतना साक्षर हो कि मतपत्र को पढ़ सकने तथा उस पर निर्वाचक की इच्छानुसार उसकी ओर से मत अभिलिखित कर सकने और यदि आवष्यक हो तो मत को छिपाने के लिए मत पत्र को मोड़ने और उसे मत पेटी में डालने में समर्थ हो, वह अराजनैतिक हो तथा इस निर्वाचन में खड़े प्रत्याषियों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रिष्तेदार न हो, सहायक/साथी निर्विवादित होना चाहिए और इस निर्वाचन में एक से अधिक निर्वाचक/सदस्य के साथी के रूप में कार्य करने के लिए अर्ह नहीं होगा।
उन्होंने बताया है कि जिला पंचायत के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के पदों के निर्वाचन में संबंधित पंचायत के सदस्य को अपनी निरक्षरता, अन्धता या अन्य अषक्तता के कारण सहायक की मांग करने की दषा में जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष इस निर्वाचन के मतदान के प्रारम्भ होने के 72 घंटे पहले शपथ-पत्र, प्रमाण-पत्र एवं अभिलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। यदि सहायक/साथी उपलब्ध कराने संबंधी निर्णय की जानकारी मतदान प्रारम्भ होने के 48 घंटे पूर्व आयोग को नहीं दी गई तो यह समझा जायेगा कि आयोग के निर्देषों के अनुरूप नहीं है और सहायक/साथी उपलब्ध कराने संबंधी ऐसी अनुमति को आयोग द्वारा निरस्त कर दिया जायेगा, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी। यदि सहायक की मांग मतदान प्रारम्भ होने के 72 घंटे के पूर्व प्राप्त नहीं होती है, तो किसी भी निर्वाचक को सहायक/साथी स्वीकृत नहीं किया जायेगा, परन्तु आपातकालीन परिस्थिति जैसे अचानक दुर्घटना की स्थिति में निर्दिष्ट व्यवस्था के अनुरूप सहायक की मांग, हेतु आवेदन-पत्र प्राप्त होने पर जिला निर्वाचन अधिकारी, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा समस्त तथ्यों को आयोग के संज्ञान में लाते हुए आयोग के परामर्ष से ही सहायक/साथी को अनुमन्य कराया जा सकेगा अन्यथा नहीं। निर्वाचक के सहायक/साथी का कार्य कर रहा है और किसी अन्य निर्वाचक के सहायक/साथी का कार्य उस दिन न तो किया है न उस दिन करेगा।
उप सचिव राज्य निर्वाचन आयोग जे.पी. डंगवाल ने बताया है, कि जिला पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के निर्वाचन में निर्वाचक (मतदाता) की निरक्षरता, अन्धता या अन्य अषक्तता के कारण सहायक/साथी उपलब्ध कराने के संबंध में दिषा निर्देष जारी कर दिये गये हैं। इसके अनुसार सहायक की मांग करने वाला निर्वाचक (मतदाता) साक्षर है या निरक्षर इस बात का सत्यापन उसके द्वारा दाखिल शपथ-पत्र से कर लिया जाय। यदि निर्वाचक अपनी अन्धता या अन्य अषक्तता के कारण सहायक की मांग करें, तो उसे जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा। यदि किसी निर्वाचक को सहायक/साथी दिया जाय, तो उस विषय में यह सुनिष्चित भी किया जाय, कि वह 21 वर्ष से कम आयु का न हो, वह इतना साक्षर हो कि मतपत्र को पढ़ सकने तथा उस पर निर्वाचक की इच्छानुसार उसकी ओर से मत अभिलिखित कर सकने और यदि आवष्यक हो तो मत को छिपाने के लिए मत पत्र को मोड़ने और उसे मत पेटी में डालने में समर्थ हो, वह अराजनैतिक हो तथा इस निर्वाचन में खड़े प्रत्याषियों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रिष्तेदार न हो, सहायक/साथी निर्विवादित होना चाहिए और इस निर्वाचन में एक से अधिक निर्वाचक/सदस्य के साथी के रूप में कार्य करने के लिए अर्ह नहीं होगा।
उन्होंने बताया है कि जिला पंचायत के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के पदों के निर्वाचन में संबंधित पंचायत के सदस्य को अपनी निरक्षरता, अन्धता या अन्य अषक्तता के कारण सहायक की मांग करने की दषा में जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष इस निर्वाचन के मतदान के प्रारम्भ होने के 72 घंटे पहले शपथ-पत्र, प्रमाण-पत्र एवं अभिलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। यदि सहायक/साथी उपलब्ध कराने संबंधी निर्णय की जानकारी मतदान प्रारम्भ होने के 48 घंटे पूर्व आयोग को नहीं दी गई तो यह समझा जायेगा कि आयोग के निर्देषों के अनुरूप नहीं है और सहायक/साथी उपलब्ध कराने संबंधी ऐसी अनुमति को आयोग द्वारा निरस्त कर दिया जायेगा, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी। यदि सहायक की मांग मतदान प्रारम्भ होने के 72 घंटे के पूर्व प्राप्त नहीं होती है, तो किसी भी निर्वाचक को सहायक/साथी स्वीकृत नहीं किया जायेगा, परन्तु आपातकालीन परिस्थिति जैसे अचानक दुर्घटना की स्थिति में निर्दिष्ट व्यवस्था के अनुरूप सहायक की मांग, हेतु आवेदन-पत्र प्राप्त होने पर जिला निर्वाचन अधिकारी, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा समस्त तथ्यों को आयोग के संज्ञान में लाते हुए आयोग के परामर्ष से ही सहायक/साथी को अनुमन्य कराया जा सकेगा अन्यथा नहीं। निर्वाचक के सहायक/साथी का कार्य कर रहा है और किसी अन्य निर्वाचक के सहायक/साथी का कार्य उस दिन न तो किया है न उस दिन करेगा।
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