नागदा, (उज्जैन)/देहरादून 6 मई, 2011
मुख्यमंत्री डाॅ. रमेश पोखरियाल निशंक ने उज्जैन में नागदा में पं. दीनदयाल संस्थान द्वारा मध्य प्रदेश कन्यादान योजना के अन्तर्गत 281 कन्याओं के सामूहिक विवाह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कन्यादान योजना की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति के अनुसार कन्यादान अर्थात कन्या का विवाह एक महत्वपूर्ण सामाजिक धार्मिक उत्तरदायित्व होता है। विशेष रूप से सभी जाति, वर्ग और धर्म की गरीब कन्याओं का उनके योग्य वर के साथ विवाह करना सामाजिक पुण्य का कार्य है। उन्होंने कहा कि अक्षय तृतीया के अवसर पर किया जाने वाला यह शुभ कार्य निश्चित रूप से प्रशंसा के योग्य है। उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान की प्रशंसा की, जिन्होंने 2006 में यह महत्वपूर्ण योजना प्रारम्भ की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार ने भी निर्धन कन्याओं के विवाह के लिए प्रति कन्या रुपये 10 हजार की सहायता की योजना प्रारम्भ की है। उन्होंने कहा कि बालिकाएं आज समाज में हर क्षेत्र में अपना एवं अपने परिवार का नाम रोशन कर रही हैं। यह सरकार और समाज का सामूहिक उत्तरदायित्व है कि वे बिना किसी भेद भाव के बालिकाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करें। मुख्यमंत्री डाॅ. निशंक ने उपस्थित जनसमूह को उत्तराखण्ड सरकार की नंदादेवी कन्याधन योजना और गौरा देवी कन्याधन योजना के बारे में भी बताया।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ. निशंक ने नागदा नगर पालिका के अन्तर्गत लगभग एक करोड़ 70 लाख रुपये की लागत से बनने वाले विभिन्न निर्माण कार्याे का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड भाजपा प्रभारी श्री थावरचन्द्र गहलोत, मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी एस.के. द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं अतिथि मौजूद थे।
मुख्यमंत्री डाॅ. रमेश पोखरियाल निशंक ने उज्जैन में नागदा में पं. दीनदयाल संस्थान द्वारा मध्य प्रदेश कन्यादान योजना के अन्तर्गत 281 कन्याओं के सामूहिक विवाह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कन्यादान योजना की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति के अनुसार कन्यादान अर्थात कन्या का विवाह एक महत्वपूर्ण सामाजिक धार्मिक उत्तरदायित्व होता है। विशेष रूप से सभी जाति, वर्ग और धर्म की गरीब कन्याओं का उनके योग्य वर के साथ विवाह करना सामाजिक पुण्य का कार्य है। उन्होंने कहा कि अक्षय तृतीया के अवसर पर किया जाने वाला यह शुभ कार्य निश्चित रूप से प्रशंसा के योग्य है। उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान की प्रशंसा की, जिन्होंने 2006 में यह महत्वपूर्ण योजना प्रारम्भ की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार ने भी निर्धन कन्याओं के विवाह के लिए प्रति कन्या रुपये 10 हजार की सहायता की योजना प्रारम्भ की है। उन्होंने कहा कि बालिकाएं आज समाज में हर क्षेत्र में अपना एवं अपने परिवार का नाम रोशन कर रही हैं। यह सरकार और समाज का सामूहिक उत्तरदायित्व है कि वे बिना किसी भेद भाव के बालिकाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करें। मुख्यमंत्री डाॅ. निशंक ने उपस्थित जनसमूह को उत्तराखण्ड सरकार की नंदादेवी कन्याधन योजना और गौरा देवी कन्याधन योजना के बारे में भी बताया।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ. निशंक ने नागदा नगर पालिका के अन्तर्गत लगभग एक करोड़ 70 लाख रुपये की लागत से बनने वाले विभिन्न निर्माण कार्याे का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड भाजपा प्रभारी श्री थावरचन्द्र गहलोत, मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी एस.के. द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं अतिथि मौजूद थे।
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