देहरादून 02 मई, 2011
मुख्यमंत्री डाॅ. रमेष पोखरियाल निषंक ने सोमवार देर सायं सचिवालय में वीडियों कान्फ्रेसिंग के माध्यम से चारधाम यात्रा मार्ग के जनपदों के जिलाधिकारियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ यात्रा की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने विभागाध्यक्षों, शासन और जिला प्रषासन के मध्य समन्वय के आभाव पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए मण्डलायुक्त गढ़वाल को समन्वय स्थापित करने के निर्देष दिये। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को यात्रा व्यवस्था की नियमित समीक्षा करने के निर्देष देते हुए कहा कि इस दिषा में किसी भी स्तर के अधिकारी की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों से सीधा सवाल किया कि पिछले वर्ष की समस्याओं और चुनौतियों से सीख लेते हुए इस वर्ष उन्होंने क्या सुधार किये हैं। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा देवभूमि उत्तराखण्ड की पहचान है और शासन तथा जिला प्रषासन को यात्रा व्यवस्था के सभी कार्य शीर्ष प्राथमिकता पर रखने होंगे। जीएमवीएन के कार्मिकों द्वारा की जा रही हड़ताल पर मण्डलायुक्त गढ़वाल को रिपोर्ट देने के निर्देष दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा शीर्ष प्राथमिकता होगी और परिवहन विभाग को इस दिषा में विषेष प्रयास करने होंगे। उन्होंने केदारनाथ और बदरीनाथ में हेलीपैड समय से प्रारम्भ करने के निर्देष दिये। उन्होंने पीडब्ल्यूडी और बीआरओ को यात्रा मार्गो को सही स्थिति में रखने के निर्देष दिये। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों और खाद्य विभाग को खाद्यान्न, रसोई गैस और मिट्टी के तेल की आपूर्ति सुनिष्चित करने के निर्देष दिये। उन्होंने गंगोत्री और केदारनाथ में पार्किंग की व्यवस्था सुचारू बनाये रखने के निर्देष दिये। मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्गो पर चिकित्सालयों में दवाईयों और स्टाफ की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने पर्यटन विभाग को एक करोड़ 51 लाख रुपये की धनराषि तत्काल मण्डलायुक्त के निर्वतन पर रखने के निर्देष दिये, जिससे चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं में धन की कमी न हो। मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबन्धन विभाग को निर्देष दिये कि यात्रा मार्ग पर आपदा प्रबन्धन तथा राहत एवं बचाव कार्य के लिए बनाई गई रणनीति की पुनः तीन दिन के भीतर समीक्षा कर लें। उन्होंने पुलिस महानिदेषक को चारधाम एवं यात्रियों की सुरक्षा के लिए सभी आवष्यक कदम उठाने के निर्देष दिये। उन्होंने चारधाम विकास परिषद और श्री बदरी-केदार मंदिर समिति को यात्रियों के लिए प्रसाद एवं स्मृति चिन्ह की व्यवस्था करने के निर्देष दिये।
जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग ने बताया कि केदारनाथ में अभी भी बर्फ होने के कारण कार्य अपेक्षाकृत धीमी गति से हुये हैं परन्तु कपाट खुलने के पूर्व पैदल मार्ग और हेलीपैड सुचारू कर लिया जायेगा। जिलाधिकारी ने बताया कि गत वर्ष पार्किंग की समस्या से सीख लेेते हुए इस वर्ष सोनप्रयाग के निकट लगभग 50 बड़े वाहनों के योग्य नई पार्किंग बनाई गयी है। केदारनाथ तक बिजली पहुंच गई है। जिलाधिकारी चमोली ने बताया कि बदरीनाथ में सभी आवष्यक सुविधाएं जुटा ली गई है। उन्होंने बताया कि बीआरओ द्वारा सड़क चैड़ीकरण में संतोषजनक कार्य किया गया है परन्तु लामबगड़ में वर्षा काल में समस्या आ सकती है। बीआरओ द्वारा लामबगड़ क्षेत्र में इस दिषा में कार्य किया जा रहा है। जिलाधिकारी उत्तरकाषी ने बताया कि गंगोत्री धरासू मार्ग में सुक्खी टाॅप के निकट थोड़ी समस्या है, जिसे बीआरओ द्वारा दूर करने के प्रयास किये जा रहे हैं।
मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने बताया कि यात्रा व्यवस्था के अन्तर्गत सड़कों, पेयजल, शौचालय, चिकित्सालय, खाद्यान्न, बिजली एवं कोयला की आपूर्ति, परिवहन विभाग आदि की नियमित समीक्षा की जा रही है। जिलाधिकारियों को विभागों के साथ समन्वय बना कर काम करने के निर्देष दिये गये हैं। परिवहन विभाग को वाहनों की फिटनेस और ग्रीन कार्ड का नियम कड़ाई से लागू करने के निर्देष दिये गये हैं। जिलाधिकारियों को यात्रा मार्ग की सभी सुविधाओं का व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण करने के निर्देष दिये गये हैं।
बैठक में चारधाम विकास परिषद के उपाध्यक्ष सूरत राम नौटियाल, श्री बदरी-केदार मंदिर समित के अध्यक्ष ए.पी. भट्ट, प्रमुख सचिव वित्त, आलोक जैन, पर्यटन राकेष शर्मा, परिवहन एस. रामास्वामी, गृह राजीव गुप्ता, नागरिक उड्डयन पी.सी. शर्मा, सचिव मुख्यमंत्री डाॅ. उमाकांत पंवार, खाद्य आयुक्त सुबर्द्धन सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, विभागाध्यक्ष एवं जनपदों में जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डाॅ. रमेष पोखरियाल निषंक ने सोमवार देर सायं सचिवालय में वीडियों कान्फ्रेसिंग के माध्यम से चारधाम यात्रा मार्ग के जनपदों के जिलाधिकारियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ यात्रा की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने विभागाध्यक्षों, शासन और जिला प्रषासन के मध्य समन्वय के आभाव पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए मण्डलायुक्त गढ़वाल को समन्वय स्थापित करने के निर्देष दिये। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को यात्रा व्यवस्था की नियमित समीक्षा करने के निर्देष देते हुए कहा कि इस दिषा में किसी भी स्तर के अधिकारी की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों से सीधा सवाल किया कि पिछले वर्ष की समस्याओं और चुनौतियों से सीख लेते हुए इस वर्ष उन्होंने क्या सुधार किये हैं। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा देवभूमि उत्तराखण्ड की पहचान है और शासन तथा जिला प्रषासन को यात्रा व्यवस्था के सभी कार्य शीर्ष प्राथमिकता पर रखने होंगे। जीएमवीएन के कार्मिकों द्वारा की जा रही हड़ताल पर मण्डलायुक्त गढ़वाल को रिपोर्ट देने के निर्देष दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा शीर्ष प्राथमिकता होगी और परिवहन विभाग को इस दिषा में विषेष प्रयास करने होंगे। उन्होंने केदारनाथ और बदरीनाथ में हेलीपैड समय से प्रारम्भ करने के निर्देष दिये। उन्होंने पीडब्ल्यूडी और बीआरओ को यात्रा मार्गो को सही स्थिति में रखने के निर्देष दिये। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों और खाद्य विभाग को खाद्यान्न, रसोई गैस और मिट्टी के तेल की आपूर्ति सुनिष्चित करने के निर्देष दिये। उन्होंने गंगोत्री और केदारनाथ में पार्किंग की व्यवस्था सुचारू बनाये रखने के निर्देष दिये। मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्गो पर चिकित्सालयों में दवाईयों और स्टाफ की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने पर्यटन विभाग को एक करोड़ 51 लाख रुपये की धनराषि तत्काल मण्डलायुक्त के निर्वतन पर रखने के निर्देष दिये, जिससे चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं में धन की कमी न हो। मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबन्धन विभाग को निर्देष दिये कि यात्रा मार्ग पर आपदा प्रबन्धन तथा राहत एवं बचाव कार्य के लिए बनाई गई रणनीति की पुनः तीन दिन के भीतर समीक्षा कर लें। उन्होंने पुलिस महानिदेषक को चारधाम एवं यात्रियों की सुरक्षा के लिए सभी आवष्यक कदम उठाने के निर्देष दिये। उन्होंने चारधाम विकास परिषद और श्री बदरी-केदार मंदिर समिति को यात्रियों के लिए प्रसाद एवं स्मृति चिन्ह की व्यवस्था करने के निर्देष दिये।
जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग ने बताया कि केदारनाथ में अभी भी बर्फ होने के कारण कार्य अपेक्षाकृत धीमी गति से हुये हैं परन्तु कपाट खुलने के पूर्व पैदल मार्ग और हेलीपैड सुचारू कर लिया जायेगा। जिलाधिकारी ने बताया कि गत वर्ष पार्किंग की समस्या से सीख लेेते हुए इस वर्ष सोनप्रयाग के निकट लगभग 50 बड़े वाहनों के योग्य नई पार्किंग बनाई गयी है। केदारनाथ तक बिजली पहुंच गई है। जिलाधिकारी चमोली ने बताया कि बदरीनाथ में सभी आवष्यक सुविधाएं जुटा ली गई है। उन्होंने बताया कि बीआरओ द्वारा सड़क चैड़ीकरण में संतोषजनक कार्य किया गया है परन्तु लामबगड़ में वर्षा काल में समस्या आ सकती है। बीआरओ द्वारा लामबगड़ क्षेत्र में इस दिषा में कार्य किया जा रहा है। जिलाधिकारी उत्तरकाषी ने बताया कि गंगोत्री धरासू मार्ग में सुक्खी टाॅप के निकट थोड़ी समस्या है, जिसे बीआरओ द्वारा दूर करने के प्रयास किये जा रहे हैं।
मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने बताया कि यात्रा व्यवस्था के अन्तर्गत सड़कों, पेयजल, शौचालय, चिकित्सालय, खाद्यान्न, बिजली एवं कोयला की आपूर्ति, परिवहन विभाग आदि की नियमित समीक्षा की जा रही है। जिलाधिकारियों को विभागों के साथ समन्वय बना कर काम करने के निर्देष दिये गये हैं। परिवहन विभाग को वाहनों की फिटनेस और ग्रीन कार्ड का नियम कड़ाई से लागू करने के निर्देष दिये गये हैं। जिलाधिकारियों को यात्रा मार्ग की सभी सुविधाओं का व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण करने के निर्देष दिये गये हैं।
बैठक में चारधाम विकास परिषद के उपाध्यक्ष सूरत राम नौटियाल, श्री बदरी-केदार मंदिर समित के अध्यक्ष ए.पी. भट्ट, प्रमुख सचिव वित्त, आलोक जैन, पर्यटन राकेष शर्मा, परिवहन एस. रामास्वामी, गृह राजीव गुप्ता, नागरिक उड्डयन पी.सी. शर्मा, सचिव मुख्यमंत्री डाॅ. उमाकांत पंवार, खाद्य आयुक्त सुबर्द्धन सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, विभागाध्यक्ष एवं जनपदों में जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
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