Wednesday, May 4, 2011

मुख्यमंत्री ने मण्डलायुक्तों को जिम्मेदार बनाने के निर्देष दिये

देहरादून 04 मई, 2011
मुख्यमंत्री डाॅ. रमेष पोखरियाल निषंक ने मुख्य सचिव को निर्देष दिये हैं कि अंत्योदय विकास यात्रा के अन्तर्गत प्राप्त हो रहे प्रार्थना पत्रों का समयबद्ध सीमा के अन्दर निस्तारण किया जाय। मुख्यमंत्री ने प्रार्थना पत्रों के निस्तारण का अनुश्रवण करने के लिए दोनों मण्डलायुक्तों को जिम्मेदार बनाने के निर्देष दिये हैं। साथ ही मुूख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को आदेष दिया है कि वे अपने जनपदों में  औचक निरीक्षण कर अटल आदर्ष ग्रामों और अटल खाद्यान्न योजना का कड़ाई से अनुश्रवण करें। उन्होंने कहा है कि जिलाधिकारियों को जनपदों में विभिन्न प्रकार की जन सेवाओं का लगातार अनुश्रवण करते हुए यह सुनिष्चित करें, कि सरकार की विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने अन्य जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा भी दूरस्थ क्षेत्रों तक भ्रमण एवं रात्रि प्रवास करने के निर्देषों पर अनुपालन आख्या तलब की है। 

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री स्वयं अभी तक 30 से अधिक विधानसभाओं में अंत्योदय विकास यात्रा के अन्तर्गत प्रदेष के दूरस्थ स्थानों तक पहुंचकर जनता से सीधा संवाद कर चुकेे हैं। मुख्यमंत्री ने इन यात्राओं में अभी तक लगभग 350 करोड़ से अधिक की योजनाओं का लोकार्पण एवं षिलान्यास किया है। लोकार्पण एवं षिलान्यास के अतिरिक्त मुख्यमंत्री द्वारा जनता से सीधे संवाद कार्यक्रम में अधिकारियों को मौके पर ही जनता की समस्याओं को निस्तारित करने के निर्देष दिये गये हैं। इन यात्राओं में कार्यो में उदासीनता बरतने वाले कुछ अधिकारियों को मौके पर ही दण्डित किया गया है, तो अच्छा काम करने वाले बहुत से अधिकारियों को प्रषंसा भी मिली है।

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